पिछली गेंद संक्षेप में देखें
क्या हुआ और कौन-सी जानकारी उपयोगी है, पहचानें। गलती बार-बार सोचने से अगली गेंद की तैयारी न छूटे।
गेंदों के बीच छोटी दोहराई जा सकने वाली रूटीन अगली डिलीवरी पर ध्यान लाती है। यह फैसले की तैयारी में मदद करे, ऐसा कठोर नियम न बने जिसके बदलने से चिंता बढ़े।
क्रिकेट के मानसिक पहलू समझें, फिर नीचे के सवालों से कोच के साथ गेंदों के बीच ध्यान लौटाने की अपनी रूटीन बनाएँ।

प्लेयर लोड करने पर YouTube से कनेक्शन बनेगा। मूल वीडियो अंग्रेज़ी में है। गति और उपलब्ध सबटाइटल के लिए प्लेयर की सेटिंग्स इस्तेमाल करें।
YouTube पर देखेंक्या हुआ और कौन-सी जानकारी उपयोगी है, पहचानें। गलती बार-बार सोचने से अगली गेंद की तैयारी न छूटे।
कोच के साथ गेंद छूटते देखना या लक्ष्य पर प्रतिबद्ध होना जैसा नियंत्रित काम चुनें। रन या विकेट की गारंटी को संकेत न बनाएँ।
अपनी भूमिका के अनुसार फील्ड, स्थिति या योजना देखें और डिलीवरी पर लौटें। रूटीन खेल की गति में फिट और लचीली हो।
छोटा संकेत रखें जिससे स्थिति पढ़ने का समय बचे।
अच्छे नतीजे के बाद भी अभ्यास करें।
अपने शब्दों में छोटी रूटीन लिखकर सामान्य नेट सत्र में आज़माएँ। अच्छे और खराब दोनों नतीजों के बाद उसका उपयोग लिखें। मजबूरी जैसा लगे तो कोच से चर्चा करें। यह प्रदर्शन पर सोचने का साधन है, मानसिक स्वास्थ्य का इलाज नहीं।
किनारे के बाद बल्लेबाज़ अगली गेंद पर भी गलती सोचता रहता है। समीक्षा में एक सीख और अगली गेंद का एक संकेत चुनें। रूटीन को तुरंत बाउंड्री से नहीं, खेल पर ध्यान लौटने से जाँचें।
DCA वेबसाइट टीम के स्वतंत्र अवलोकन नोट्स। अपनी तकनीक में बदलाव करने से पहले कोच रविंदर सिंह से चर्चा करें।
गेंदों के बीच ध्यान लौटाने की रूटीन
नाम / तारीख
पिछली गेंद से उपयोगी जानकारी क्या है?
अब कौन-सा नियंत्रित काम करना है?
रूटीन तैयारी में मदद करती है या ध्यान हटाती है?
मैंने क्या आज़माया और क्या हुआ?
कोच की राय और अगला कदम
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