सत्र को समझें
मुख्य काम बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी, फील्डिंग या मैच है, पहचानें। तैयारी इन्हीं ज़रूरतों से जुड़े।
वॉर्म-अप आने वाले सत्र के लिए तैयारी है। गतिविधियाँ उसी खेल और चाल से जोड़ें जो आगे करनी है। समूह की गतिविधि और तीव्रता कोच तय करे।
क्रिकेट वार्म-अप का उदाहरण देखें। फिर नीचे के नोट्स से अपनी उम्र, भूमिका और सत्र के अनुकूल रूटीन कोच के साथ तय करें।

प्लेयर लोड करने पर YouTube से कनेक्शन बनेगा। मूल वीडियो अंग्रेज़ी में है। गति और उपलब्ध सबटाइटल के लिए प्लेयर की सेटिंग्स इस्तेमाल करें।
YouTube पर देखेंमुख्य काम बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी, फील्डिंग या मैच है, पहचानें। तैयारी इन्हीं ज़रूरतों से जुड़े।
सामान्य चाल से क्रिकेट कौशल तक क्रम कोच से तय करें। उद्देश्य तैयार होना है, शुरुआत में ही थक जाना नहीं।
दर्द, असामान्य थकान या हाल की चोट कोच को बताएँ। वॉर्म-अप दर्द अनदेखा करने की अनुमति नहीं है।
तैयारी को काम और खिलाड़ी की ज़रूरत से जोड़ें।
आगे बढ़ने से पहले चिंता बताएँ और उचित सलाह लें।
अगले सत्र का मुख्य काम और कोच की चुनी तैयारी लिखें। बाद में देखें कि अभ्यास में प्रवेश नियंत्रित लगा या नहीं। पेशेवर की रूटीन बिना संदर्भ न दोहराएँ।
कैचिंग और थ्रो के सत्र में उन्हीं क्रियाओं की तैयारी चाहिए; बल्लेबाज़ी की तुरंत ज़रूरतें अलग हो सकती हैं। कोच से अंतर समझकर लिखें कि कोई गतिविधि क्यों चुनी गई।
DCA वेबसाइट टीम के स्वतंत्र अवलोकन नोट्स। अपनी तकनीक में बदलाव करने से पहले कोच रविंदर सिंह से चर्चा करें।
क्रिकेट वॉर्म-अप की योजना
नाम / तारीख
आज किन चालों की ज़रूरत होगी?
क्या तैयार महसूस करता हूँ या पहले ही थक गया हूँ?
शुरू करने से पहले कोच को क्या बताना चाहिए?
मैंने क्या आज़माया और क्या हुआ?
कोच की राय और अगला कदम
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